Chat with Us Chat with us
काया से कायनात तक

काया से कायनात तक

(Enlightened Words of Bodhi Ma)

by- अनंत श्री

अनंत श्री जी के चेतना के सूरज की रोशनी
जब मेरी काया के दामन में ठिठके
प्रेम के पूरे चाँद से टकराई तो
चाँदनी की तरह कुछ शब्द झड़ने लगे।

ये शब्द जाग्रत हैं, जीवंत हैं,
धड़कते हुए हैं और अनंत श्री देशना का
ही एक नया अलोक हैं, जैसे चाँदनी
सूरज की रोशनी का ही एक कोमल स्पर्श है।

ये शब्द बस इस लिए धड़क रहे हैं
कि इनकी धड़कन को महसूस करते-करते
अनंत श्री की चेतना के सूरज की
किसी किरण को थाम कर कोई
आत्म रूपांतरण के नए सफ़र पर निकल सके।

  • In LanguageEnglish
  • GenrePoetry
  • ISBN978-81-69887-00-7
  • Date Published 01st July 2026
  • Buy eBook (Google Play Google Books)

In case of any issue to order this book call on +91-7844 918767